
भारत आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी का स्वतंत्रता दिवस पर 12वां भाषण होगा।
इस वर्ष समारोह में 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 85 गांवों के सरपंचों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
लाल किले और उसके आसपास बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें 11,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी और 3,000 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। स्नाइपर्स, एंटी-ड्रोन यूनिट, सीसीटीवी कैमरे, फेस रिकग्निशन सिस्टम, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन और अंडर-व्हीकल सर्विलांस सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं।
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम अनुसार, वे सुबह 7:30 बजे लाल किले पहुंचेंगे और 7:35 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। प्रधानमंत्री का संबोधन 7:45 बजे प्रारंभ होगा।
पीएम मोदी ने लाल किले के प्राचीर पर फहराया तिरंगा, देश को कर रहे है संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराने के पश्चात देश को संबोधित किया।
उन्होंने कहा, “आज लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीरों को सलाम करने का अवसर प्राप्त हुआ है। हमारे साहसी सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे दंडित किया है।”
लाल किले में पहुँचने से पूर्व, पीएम मोदी ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह पीएम मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से 12वीं बार तिरंगा फहराने का अवसर है।
इसी बीच पीएम मोदी बोले, भारत की नदियों का पानी दुश्मनों की खेत को सींच रहा
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा, “भारत ने यह निर्णय लिया है कि रक्त और जल एक साथ नहीं बहेंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “भारतीय नदियों का जल शत्रुओं के खेतों को सिंच रहा है। भारत को उसके अधिकार का जल प्राप्त होगा।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, “इस पर भारतीय किसानों का अधिकार है। सिंधु समझौता एकतरफा और अन्यायपूर्ण था। राष्ट्रहित में यह समझौता स्वीकार्य नहीं है।”