
राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने की घटना पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सत्ता और साधन होने के बावजूद लापरवाही की गई।
झालावाड़ ज़िले के मनोहर थाना इलाक़े में शुक्रवार सुबह एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई और कई घायल हो गएसचिन पायलट ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, “कल की घटना बहुत ही दर्दनाक है। मासूम बच्चों पर पढ़ते हुए छत गिर जाए और 7 की मृत्यु हो जाए तो ये सरकार की पूरी तरह से लापरवाही है।”
उन्होंने कहा, “ये आपराधिक लापरवाही है, जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।” राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे खेद है कि वहां के शिक्षा मंत्री पिछली कांग्रेस सरकार की बात कर रहे हैं। डेढ़ साल से आपकी सरकार है, डबल इंजन आपके पास है। पूरा साधन है फिर भी आप लोगों ने लापरवाही की।”
सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि इमारत की शिकायत के बावजूद सही समय पर क़दम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा, “राजस्थान सरकार को निर्णायक क़दम उठाना चाहिए, बजाय इसके कि पिछली सरकार को दोषी ठहराया जाए।”
झालावाड़ जिले के कलेक्टर ने कहा “भवन जर्जर होने की जानकारी हमे नहीं मिली थी”
राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहर थाना क्षेत्र में सरकारी विद्यालय की छत गिरने से सात बच्चों की मृत्यु के पश्चात, जिला प्रशासन ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शनिवार को, झालावाड़ के कलेक्टर अजय सिंह ने उस परिवार से भेंट की, जिसने इस दुर्घटना में अपने दो बच्चों को खोया।

पत्रकारों से संवाद करते हुए, अजय सिंह ने कहा, “मृतकों के परिजनों की दो प्रमुख मांगें थीं – पहली, ऐसी दुर्घटना पुनः न हो और दूसरी, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। जहां भी सुरक्षा में चूक हुई है, वहां उचित कार्रवाई की जाएगी।”
कलेक्टर ने सूचित किया कि 20 जून को आदेश जारी किया गया था कि जर्जर स्कूल भवनों में कक्षाएं आयोजित न की जाएं।
उन्होंने कहा, “लगभग 12-13 भवनों को हमने स्थानांतरित कर दिया था, लेकिन इस स्कूल से हमें कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई।” अजय सिंह ने आगे कहा, “हमें दुर्घटना के पश्चात ही जानकारी मिली।
ग्रामीणों द्वारा लापरवाही के संबंध में जो बातें प्रस्तुत की गई हैं, उनकी जांच की जाएगी। जब भी हमने शिक्षकों से पूछा, उन्होंने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी। कल भी पूछने पर उन्होंने यही कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।”