प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वल देवराज निकम, सी. सदानन्दन मास्टर, हर्ष वर्धन श्रृंगला और डॉ. मीनाक्षी जैन को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “उज्ज्वल निकम का कानूनी क्षेत्र और हमारे संविधान के प्रति समर्पण अनुकरणीय है। वह न केवल एक सफल वकील रहे हैं, बल्कि महत्वपूर्ण मामलों में न्याय के प्रयासों में भी अग्रणी रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अपने पूरे कानूनी करियर के दौरान निकम ने हमेशा संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और आम नागरिकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया है। यह प्रसन्नता की बात है कि राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। उनकी संसदीय यात्रा के लिए मेरी शुभकामनाएं।”
प्रधान मंत्री मोदी ने श्रृंगला के संदर्भ में कहा है कि उन्होंने एक राजनयिक, बुद्धिजीवी और रणनीतिक विचारक के रूप में उत्कृष्टता प्रदर्शित की है।
उन्होंने उल्लेख किया, “पिछले कई वर्षों में उन्होंने भारत की विदेश नीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और जी-20 की अध्यक्षता में भी योगदान किया है। मुझे प्रसन्नता है कि राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। उनका अद्वितीय दृष्टिकोण संसदीय कार्यवाही को समृद्ध करेगा।”

प्रधानमंत्री ने सी. सदानन्दन मास्टर की प्रशंसा करते हुए उनके जीवन को ‘साहस और अन्याय के प्रति न झुकने की भावना का प्रतीक’ बताया।
मोदी ने कहा, ‘‘हिंसा और धमकी राष्ट्र के विकास के प्रति उनके जज़्बे को रोक नहीं सकी. एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उनके प्रयास सराहनीय हैं. युवा सशक्तीकरण के प्रति उनकी गहरी आस्था है.”
पीएम मोदी ने कहा है कि यह अत्यंत ख़ुशी की बात है कि मीनाक्षी जैन को राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है.
मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने एक विद्वान, शोधकर्ता और इतिहासकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है. शिक्षा, साहित्य, इतिहास और राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में उनके कार्यों ने अकादमिक विमर्श को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध किया है. संसदीय कार्यकाल के लिए उन्हें शुभकामनाएं.”