
गुजरात के आणंद और पादरा को जोड़ने वाले पुल का मध्य भाग ढहने से तीन व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। न्यूज गुजराती के अनुसार, वडोदरा जिले के बाहरी क्षेत्र में माही नदी पर स्थित यह पुल टूट गया, जिससे कई वाहन नदी में गिर गए।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, चार दशक पुराना यह पुल गिरने से तीन लोगों की मृत्यु हुई और पांच को सुरक्षित निकाला गया।
गुजरात सरकार के प्रवक्ता मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा, “आणंद और पादरा को जोड़ने वाले पुल का मध्य भाग ढहने से तीन लोगों की मृत्यु हुई है और पांच को बचा लिया गया है। पांच-छह लोगों का उपचार कर उन्हें छुट्टी दे दी गई है.”
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने पुल और तकनीकी विशेषज्ञों से दुर्घटना के कारणों की जांच कराने का निर्देश दिया है।
1985 में निर्माण के बाद से इस पुल की नियमित मरम्मत होती रही है।” उन्होंने आगे कहा, “इस पुल की मरम्मत की गई थी, लेकिन यह एक दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना है।
मुख्यमंत्री ने 212 करोड़ रुपये की लागत से एक नए पुल के निर्माण की स्वीकृति दी थी।” आणंद के कलेक्टर प्रवीण चौधरी ने बताया, “बचाव अभियान वडोदरा की दिशा से चलाया जा रहा है, हमने केवल ट्रैफ़िक रोका है। यह पुल वडोदरा ज़िले में स्थित है। आनंद और सौराष्ट्र से वडोदरा जाने वाले वाहनो को रोक दिया गया है। यह पुल 1984 के आसपास बना था।
गुजरात कांग्रेस के नेता अमित चावड़ा ने कहा, “इस पुल से बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों होती हैं? यदि पुल ख़तरनाक है, तो इसे बंद कर देना चाहिए या इसकी मरम्मत करनी चाहिए।
यह घटना सरकार की गंभीर लापरवाही का परिणाम है।” आप नेता इसुदान गढ़वी ने कहा, “यह पुल हादसा मानवीय है। एक ट्रक और एक पिकअप वाहन समेत चार वाहन नदी में गिर गए हैं।
आज किसी पुल को पार करते या उसके नीचे से गुजरते समय भय अनुभव होता है। यदि पुल जर्जर था, तो यातायात क्यों नहीं रोका गया?”