ईरान इजरायल के बीच छिड़ी यह जंग अब और भी खतरनाक मोड़ पर आ गया है। अब इस युद्ध में कूद पड़ा है दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश – अमेरिका!
जब ईरान ने इजरायल पर 300 से अधिक ड्रोन और मिसाइले दागी तो पूरी दुनिया में दहल उठी। लेकिन इससे पहले की मिसाईले इजरायल के जमीन को छू पाती उससे पहले ही अमेरिका के लड़ाकू जेट और डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गए। कहा जा रहा है की अमेरिका की फौज ने ईरानी मिसाइलों को। रास्ते में ही मार गिराया। अमेरिकी युद्धपोत Red C से ऑपरेशन को लीड कर रहे थे। यही नहीं अमेरिका की टीम ने इजरायल को दुश्मन की हर जानकारी भी दे रही थी- रडार, सेटेलाइट और साइबर सिस्टम के जरिए।।

“अगर अमेरिका और ईरान आमने-सामने आते हैं, तो यह संघर्ष वैश्विक स्तर पर फैल सकता है।”
🇺🇸 अमेरिका की भूमिका
वर्तमान स्तिथि: अमेरिका के लड़ाकू विमानो ने सीरिया और इराक के समर्थित ठिकानों पर हमले किए। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने हस्तक्षेप जारी रखा, तो वह खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है। इज़राइल और अमेरिका मिलकर ईरान के परमाणु ठिकानों पर “संयुक्त ऑपरेशन” की योजना बना रहे हैं।
अमेरिका की खुली एंट्री: इज़राइल का समर्थन: अमेरिका लंबे समय से इज़राइल का सामरिक सहयोगी रहा है। जैसे ही ईरान-इज़राइल युद्ध ने तीव्र रूप लिया, अमेरिका ने स्पष्ट रूप से इज़राइल के पक्ष में खड़े होने की घोषणा कर दी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा: “हम इज़राइल की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हैं और उस पर किसी भी हमले को हम अपनी सुरक्षा पर हमला मानेंगे।”
जंग की आग अब और भड़की-और पास आया अमेरिका।।

मध्य पूर्व अभी इस वक्त बारूद की ढेर पर बैठा है। ईरान और इजरायल के बीच सालो से चली आ रही इस तनातनी अभी जंग में बदलने लगी है। और अब इस जंग में एक और शक्तिशाली देश ने एंट्री मार ली है।- अमेरिका।
पिछले कुछ हफ्तों में ईरान ने इजराइल पर जो भयानक मिसाईले दागी है और ड्रोन हमले किए। जिसने दुनिया को चौका दिया है लेकिन उससे भी बड़ा झटका तब लगा जब अमेरिका ने न केवल इजरायल का साथ दिया बल्कि इस जंग में सक्रिय भूमिका निभाने में भी आगे आने लगा है।