ब्रिटिश और अमेरिकी टीमें अहमदाबाद विमान हादसे की जांच में भारत के साथ:

अहमदाबाद – अहमदाबाद में हुए हाल में ही हवाई विमान कि घटना को बारीकी से छानबीन करने के लिए इस विमान हादसे की जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज़ हो गई है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केयर स्टारमर ने भी अपनी टीम को अहमदाबाद के घटना स्थल में पहुंचने की पुष्टि की है। हादसे की जांच में मदद के लिए ब्रिटेन की एक जांच टीम अहमदाबाद पहुंच चुकी है।

इसके अलावा, अमेरिका की विमान दुर्घटनाओं की प्रमुख जांच संस्था नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की एक टीम भी भारत आ चुकी है। उन्होंने भारतीय एजेंसियों को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया है।
शीर्षक: अहमदाबाद विमान हादसे की जांच में जुटी AAIB, विदेशी एजेंसियां भी पहुँची भारत

अहमदाबाद: हाल ही में गुजरात के अहमदाबाद में हुआ यह विमान हादसा पूरे देश को रूला और डरा दिया हैं। यह विमान मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गया, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। अब इस हादसे की वजह जानने के लिए जांच शुरू हो चुकी है, जिसकी कमान भारत की Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने संभाल ली है।

हादसे की तह तक जाएगी जांच टीम:
AAIB ने इस मामले में विशेषज्ञों की एक टीम गठित कर दी है, जो मौके पर पहुंचकर हादसे की जाँच कर रही है। इस टीम में पायलट, इंजीनियर, डॉक्टर, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और अन्य तकनीकी जानकार शामिल हैं।

जांच की शुरुआत ब्लैक बॉक्स की तलाश से हुई है। ब्लैक बॉक्स में विमान की उड़ान से जुड़ा पूरा डेटा और पायलट की बातचीत रिकॉर्ड होती है। इसे समझकर यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना से पहले विमान में क्या हुआ था।

जाँच के दौरान जुटाए जा रहे हैं अहम सबूत:

हादसे की जगह को निरंतर रुप से छानबीन की जा रही है तथा पूरी टीम को इसमें लगा दिया गया है। टीम विमान के मलबे की बारीकी से जांच कर रही है। इसके साथ-साथ:

रेडार डेटा,

मौसम की स्थिति,

मेंटेनेंस रिपोर्ट,

ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) की रिकॉर्डिंग,

और इसके अलावा हवाई अड्डे के CCTV फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।

बचे हुए यात्रियों, ग्राउंड स्टाफ और चश्मदीदों से बातचीत कर हादसे के कारणों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। पायलट और क्रू मेंबर्स का पोस्टमॉर्टम भी कराया जा रहा है, ताकि किसी मेडिकल समस्या या नशे की स्थिति का पता लगाया जा सके।

विदेशी एजेंसियों की मौजूदगी, पर अधिकार AAIB के पास
इस विमान की निर्माता कंपनी बोइंग है, इसलिए बोइंग के तकनीकी विशेषज्ञ भी जांच में सहयोग दे रहे हैं। साथ ही, चूंकि विमान में ब्रिटेन के कई नागरिक सवार थे, ब्रिटेन की Air Accidents Investigation Branch (AAIB-UK) की टीम भी भारत पहुंची है।

हालांकि, एविएशन विशेषज्ञ मीनू वाडिया का कहना है कि इन विदेशी एजेंसियों की भूमिका केवल सलाह और मीटिंग्स तक सीमित रहेगी। जांच का अधिकार केवल भारतीय AAIB के पास है और वही अंतिम निष्कर्ष निकालेगी।

रिपोर्ट होगी सार्वजनिक, मिलेंगी सुरक्षा से जुड़ी सिफारिशें
जांच पूरी होने के बाद AAIB एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसमें हादसे के कारणों और भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने के सुझाव शामिल होंगे।

यह रिपोर्ट AAIB की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी और ICAO (International Civil Aviation Organization) तथा अन्य संबंधित देशों को भी भेजी जाएगी।

सुरक्षा संबंधी सुझाव DGCA (भारत का नागर विमानन महानिदेशालय) और ICAO से जुड़े देशों की विमानन एजेंसियों को भेजे जाएंगे, ताकि इन पर अमल कर भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

निष्कर्ष:
इस हादसे की जांच ना सिर्फ इस एक घटना की वजहों को सामने लाएगी, बल्कि वैश्विक एविएशन इंडस्ट्री के लिए भी एक अहम सबक बनेगी। हर कड़ी की जांच से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रियों की सुरक्षा में भविष्य में कोई चूक न हो।

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