ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ईरान के ख़िलाफ़ बड़ा क़दम उठाने की तैयारी में हैं, लेकिन इसके लिए उन्होंने ईरान को समय सीमा भी दी है।

इन तीनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र से कहा है कि अगर ईरान अगस्त के आख़िर तक परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू नहीं करता, तो वे उस पर फिर से प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हैं।
ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी को ‘ई3’ के नाम से भी जाना जाता है। उनका कहना है कि अगर ईरान बातचीत फिर से शुरू नहीं करता, तो वे ‘स्नैपबैक मैकेनिज़्म’ लागू करने के लिए तैयार हैं।
स्नैपोलपबैक मैकेनिज़्म दरअसल वह प्रावधान है जिसके तहत अगर यह मान लिया जाए कि ईरान ने परमाणु समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है, तो 2015 से पहले जो संयुक्त राष्ट्र के सभी कड़े प्रतिबंध थे, वे अपने-आप फिर से लागू हो जाते हैं।
ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी का कहना है कि उन्होंने बातचीत की समय-सीमा अगस्त के आख़िर तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, जिसका ईरान ने कोई जवाब नहीं दिया है।
पिछले महीने ईरान ने कहा था कि वह आगे की बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन केवल तभी जब मौजूदा प्रतिबंध हटा दिए जाएं और उसके नागरिक परमाणु कार्यक्रम के अधिकार को मान्यता दी जाए।